Sunday, 11 June 2017

फ़िज़ा की खबर

आज कई दिनों के बाद
फ़िज़ा ने कुछ अजीब सी
कुछ अलग सी
कुछ नई सी
अंगड़ाई ली
चली कुछ इस तरह
कि साथ मे अपने
कुछ खबरें भी लेकर आई
कुछ खबरें
ऐसी खबरें जो आज तक
छुपी हुई थी मुझसे
ज़माने से
कुछ लायी खुशी की खबरें
लेकिन उसके साथ काफी ग़म की भी
बातें मुझसे करने लगी
कुछ अलग ही अहसास
मेरे अंदर समावेशित होने लगी
उसने बताया मुझे बिहार के बारे में
जहां शिक्षा में बच्चे नही
65 % प्रशासन विफल हुआ
उसने बताया मुझे मध्य प्रदेश के बारे में
जहां पुलिस काफी भोली है
और उन्हें उपद्रवी और किसान में
फ़र्क़ नही आता समझ
उसने बताया मुझे राजस्थान के बारे में
जहां गोपालक को गोहत्यारा समझ
कर दी जाती है उसकी हत्या
उसनें बतया मुझे महाराष्ट्र के बारे में
जहां किसान अपने अनाज को
बेचने के बजाय
उसमे आग लगाने को मजबूर है
उसने बताया मुझे तमिल प्रदेश के बारे में
जहां किसान चूहों से
अपनी भूख मिटा रहे है
उसने बताया मुझे इश्क़ के प्रतीक
कृष्ण के राज्य के बारे में
जहा आज इश्क पर
लगा दिया गया है
हर तरह का पहरा
उसने बताया मुझे कश्मीर के बारे में
जहां जेहाद के नाम पर
युवक पत्थरबाज बन रहे है
और फौज युवकों को
अपने जीप से बांध बना रहे है
अपनी सुरक्षा की ढाल
ये सारी खबर सुनने के बाद
जब मैंने अपनी बात
चाही उसे सुननी
इस उम्मीद से
कि वो उड़ते उड़ते पहुंचे
सरकार के कानों में
तब तक वो फ़िज़ा
उड़ कर चली गयी
किसी और के पास
सुनाने अपनी बात

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