अमौर तुम्हारे बिना
जीना दुशवार है
तुम्हारे बिना
साँसे बोझिल लगती है
तुम्हारे बिना
सारे रिश्ते फ़ाज़िल लगते है
तुम्हारे बिना
सारे अलफ़ाज़ फीके लगते है
तुम्हारे बिना
अपना साया भी बेज़ार लगता है
तुम्हारे बिना
हमनवा कुछ नही
तुम्हारे बिना
पलछिन में रातें नहीं कटती
तुम्हारे बिना
छिट पुट सी बातें जलने लगती है
मेरे बिना मैं भी
रहने लगा हूँ अब
लेकिन अमौर
अब तुम्हारे बिना
मैं अधूरा हूँ
जीना दुशवार है
तुम्हारे बिना
साँसे बोझिल लगती है
तुम्हारे बिना
सारे रिश्ते फ़ाज़िल लगते है
तुम्हारे बिना
सारे अलफ़ाज़ फीके लगते है
तुम्हारे बिना
अपना साया भी बेज़ार लगता है
तुम्हारे बिना
हमनवा कुछ नही
तुम्हारे बिना
पलछिन में रातें नहीं कटती
तुम्हारे बिना
छिट पुट सी बातें जलने लगती है
मेरे बिना मैं भी
रहने लगा हूँ अब
लेकिन अमौर
अब तुम्हारे बिना
मैं अधूरा हूँ
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