अमौर नाराज़ मत होना
क्योंकि मैं नहीं चाहता
मेरे वजह से तुम
उदास हो
आज जब तुम मुझसे
दूर जा रही हो
तो दिल कचोट रहा है
कि काश मैं तुम्हे देख पाता
तुमसे मिल पाता
लेकिन अफ़सोस
ऐसा हो नही सका
अमौर
सोचो जो तुमसे
इतना प्यार करता है
वो मौत से
इश्क़ तो लड़ायेगा ही
शायद मौत ही
मेरी महबूबा है
क्योंकि वो मुझे
समेट रही है
अपनी बाहों में
और मैं ना चाहते हुए भी
खिंचा रहा हूँ
मौत की ओर
क्योंकि मैं नहीं चाहता
मेरे वजह से तुम
उदास हो
आज जब तुम मुझसे
दूर जा रही हो
तो दिल कचोट रहा है
कि काश मैं तुम्हे देख पाता
तुमसे मिल पाता
लेकिन अफ़सोस
ऐसा हो नही सका
अमौर
सोचो जो तुमसे
इतना प्यार करता है
वो मौत से
इश्क़ तो लड़ायेगा ही
शायद मौत ही
मेरी महबूबा है
क्योंकि वो मुझे
समेट रही है
अपनी बाहों में
और मैं ना चाहते हुए भी
खिंचा रहा हूँ
मौत की ओर
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