Monday, 27 February 2017

अधूरा

कई रिश्ते बेनाम होते है
कई मंज़िले अनजान होती है
कई राहें ऐसी होती है
जिनका मकसद सिर्फ सफ़र होता है
मंज़िल पर पहुँच ख़त्म होना नहीं
जिसे अपना इश्क़ मिला
उसका इश्क़ पूरा हुआ
मेरा इश्क़ मुझे नहीं मिला
इसलिए मैं आज भी
इश्क़ में हूँ
जो इश्क़ अधूरा होता है
वो इश्क़ कभी पूरा होकर
ख़त्म नही होता
मेरा इश्क़ ज़िंदा है
और वो हमेशा
ज़िंदा रहेगा
क्योंकि मेरा इश्क़
अधूरा है
मेरी मंज़िल अनजान है
रिश्ते बेनाम है
राहें बेमक़सद है
पर मेरा इश्क़ अधूरा है
मेरा इश्क़ ज़िंदा है

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