Tuesday, 21 February 2017

पहले जैसा

अमौर क्या सब कुछ
पहले जैसा नहीं हो सकता
क्या मैं पहले की तरह
तुम्हारी आँखों में
नहीं खो सकता
क्या पहले की तरह
तुम मुझसे बात नहीं कर सकती
क्या पहले की तरह
मैं तुममे नहीं खो सकता
क्या पहले की तरह
तुम मेरी कविता पढ़
मुस्कुरा नहीं सकती
क्या सब कुछ
पहले जैसा नहीं हो सकता
पहले की तरह बातें
पहले की तरह मुलाकतें
पहले की तरह लड़ाई
पहले की तरह मनाना
लेकिन अमौर
मुझे लगता है
शायद सब कुछ
पहले जैसा ना हो पाये
क्योंकि अब
वक़्त बहुत कम बचा है
पता नहीं
मैं कब तक तुम्हारे साथ हूँ
लेकिन जब तक हूँ
चाहता हूँ
सब पहले जैसा हो जाए
क्योंकि मैं आज भी
तुमसे प्यार करता हूँ
पहले जितना
मेरी अमौर

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