अमौर
तुम मुझसे हमेशा कहती थी
खुल कर ज़िन्दगी जियो
लेकिन अमौर
एक बात बताओ
मैं ज़िन्दगी किसके लिए जियूं
किसके साथ गुजारूं
तुमने मुझसे रिश्ते नाते
सब ख़त्म कर दिये
और मुझे
उस सफ़र पर भेज दिया
जिसमे दर्द का कोई अंत नहीं
और मंज़िल का पता नहीं
अब मुझे मौत को ही
गले लगाना होगा
सारे दर्द ख़त्म करने होंगे
क्योंकि मैं जब तक ज़िंदा हूँ
तुम्हारी याद साथ है
हर याद
तुम्हारी बातें तुम्हारी आँखे
तुम्हारी डाँट तुम्हारी हंसी
लेकिन जब भी इनकी
याद आती है
मैं बेज़ार हो जाता हूँ
तुम्हे देखना चाहता हूँ
तुमसे बातें करना चाहता हूँ
लेकिन मैं चाहते हुए भी
तुमसे बात नहीं कर सकता
अब बस जब तक
इस ज़िन्दगी की लकीर है
तुम्हारे लिए नज़्म लिख
तुम्हारी ख़ामोशी से
बातें करूंगा
क्योंकि मैं जानता हूँ
तुम कुछ नहीं बोलोगी
लेकिन तुम्हारी ख़ामोशी
मुझसे गुफ्तगू ज़रूर करेंगी
बस अमौर
याद रखना
और खुश रहना
तुम मुझसे हमेशा कहती थी
खुल कर ज़िन्दगी जियो
लेकिन अमौर
एक बात बताओ
मैं ज़िन्दगी किसके लिए जियूं
किसके साथ गुजारूं
तुमने मुझसे रिश्ते नाते
सब ख़त्म कर दिये
और मुझे
उस सफ़र पर भेज दिया
जिसमे दर्द का कोई अंत नहीं
और मंज़िल का पता नहीं
अब मुझे मौत को ही
गले लगाना होगा
सारे दर्द ख़त्म करने होंगे
क्योंकि मैं जब तक ज़िंदा हूँ
तुम्हारी याद साथ है
हर याद
तुम्हारी बातें तुम्हारी आँखे
तुम्हारी डाँट तुम्हारी हंसी
लेकिन जब भी इनकी
याद आती है
मैं बेज़ार हो जाता हूँ
तुम्हे देखना चाहता हूँ
तुमसे बातें करना चाहता हूँ
लेकिन मैं चाहते हुए भी
तुमसे बात नहीं कर सकता
अब बस जब तक
इस ज़िन्दगी की लकीर है
तुम्हारे लिए नज़्म लिख
तुम्हारी ख़ामोशी से
बातें करूंगा
क्योंकि मैं जानता हूँ
तुम कुछ नहीं बोलोगी
लेकिन तुम्हारी ख़ामोशी
मुझसे गुफ्तगू ज़रूर करेंगी
बस अमौर
याद रखना
और खुश रहना
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