Thursday, 2 February 2017

अमौर से बातें

अमौर मैं तुमसे 
करना चाहता हूँ बातें 
बेहिसाब, बेतहाशा, बेबुनियाद, बेसबब
ऐसी बातें जिनका कोई 
मतलब नहीं 
बस बातें करने के लिए 
तुमसे बातें करना चाहता हूँ 
कोई काम की बात नहीं 
कोई होशियार की बात नहीं 
मासूमियत से भरी 
बचकानी हरकतों से परिपूर्ण 
तुम्हारी बातें 
वो बात जिसे सुन तुम 
छोटे बच्चे के तरह मुंह बिचकाओ
नाक फुलाओ, आँखे दिखाओ
लेकिन थक हार कर 
दुबारा मुझसे बात करो 
अमौर 
पता नहीं तुम मेरी बातों को 
कब समझोगी 
कब मुझसे बातें करोगी
बेहिसाब, बेतहाशा, बेबुनियाद, बेसबब
मैं इंतज़ार करता हूँ 
सुबह ओ शाम 
तुम्हारी बातों का 
सुबह उठता हूँ 
तो तुम्हारी आवाज़ सुनना चाहता हूँ 
दिन ढले तो तुम्हरी आवाज़ की झनक
कानों में चाहता हूँ 
रात हो तब तुम्हारी बातों से 
दिल भर लेना चाहता हूँ 
अमौर 
बस मैं करना चाहता हूँ बातें 
बेहिसाब, बेतहाशा, बेबुनियाद, बेसबब

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