Tuesday, 31 January 2017

लोरी - अमौर के लिए

प्यारी अमौर
आज जब तुम
नींद की आगोश में कदम रखोगी
बहुत सुकून से
नींद तुम्हे अपनी बाहों में
कैद कर लेगी
तुम उस सुकुनियत भरी नींद में
ख्वाब सजाओगी
मैं उस ख्वाब में
घोड़ी पर सवार
शहजादे की तरह आऊँगा
और तुम परियों की तरह
मेरे साथ चलोगी
मैं तुम्हे ले चलूँगा
चाँद के पार
दूसरी दुनिया में
जहाँ सिर्फ मैं और तुम होंगे
हम लोग चाँद को तकिया बना
सितारों को ओढ़
आँखों में आँखे डाल
घंटो गुफ्तगू करेंगे
मैं तुम्हे दास्ताँ सुनाऊंगा
परियों की, चाँद सितारों की
तुम उसे सुन खिलखिलाओगी
फिर मैं तुम्हारा हाथ पकड़
आगे बढूँगा
ऐसी जगह जहाँ
कोई बंधन ना होगा
जहाँ कोई भी
हमारे इश्क का
बातिल ना होगा
हम लोग तब तक इश्क करेंगे
जब तक चाँद और सितारें होंगे
प्यारी अमौर
आज जब तुम
नींद की आगोश में कदम रखोगी
मैं आऊंगा चुपके से
तुम्हारे पास
तुम्हारे तकिये के नीचे
सुनहरे ख्वाबों की
पोटली लेकर
प्यारी अमौर
मैं आऊंगा
और बस जाऊँगा
तुम्हारे सपनो में
हमेशा के लिए 

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