Friday, 13 January 2017

इश्क का पैगाम

हाँ मैं करता हूँ तुमसे प्यार
और इतनी शिद्दत से
कि मैं भी नहीं जानता
क्यों
ये पता नहीं कि आखरी बार
किसी ने किसी को इतना चाहा होगा
बस अगर तुम खफा होती हो
मुझसे
तो मुझे समझ नहीं आता क्या करूँ
क्या करूँ तुम्हे मानाने के लिए
जब तुम कहती हो
नहीं मिलेंगे आज से
ना बात करेंगे
तब महसूस होती है
तुम्हारी अहमियत ज़िन्दगी में
तुम्हारा अक्स ना रहे तो
ज़िन्दगी से जल जाने का डर है
क्योंकि वो तुम ही हो
जो मेरी प्रेरणा स्रोत हो
तुम्हारे वजह से मैं हूँ
तुम्हे पाने की उम्मीद नहीं है
लेकिन चाहता हूँ कि
सारी उम्र
तुम्हारे साथ बीते ।

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