शाह जी नमस्ते
मैं एक अदना आम आदमी
अदना इंसान
आपके पेशे खिदमत में
शाह की शान में नज़्म अर्ज़ करता हूँ
काफी मशहूर "शाह"रुख़ खान ने कहा
बड़े बड़े देशों में छोटी छोटी बातें होती रहती है
शायद "शाह"रुख़ से प्रभावित हो कर
शाह साहब आपने कहा
इतना बड़ा देश है तो घटनाएं होती रहती है
बिलकुल सही फ़रमाया शाह साहब
इतना बड़ा देश
3500 साल पुरानी संस्कृति
क्या हुआ अगर अदना से घर में पैदा हुए
अदना इंसान के
30 बच्चे मर ही गए तो
भाई कुछ भी हो जाए
बड़ा देश है तो बड़ी कुर्बानी भी मांगेगा
बिलकुल मैं सहमत हूँ
आपकी बातों से
मरने दो बच्चों को
हमें तो आजादी के 70 साल का जश्न मानना है
मरने दो बच्चों को
हमें "न्यू इंडिया मूवमेंट " चलाना है '
मरने दो बच्चों को
हमें तो गाँधी मुद्रा में चरखा चलाना है
मरने दो बच्चों को
हमें तो सिर्फ जिओ का फ्री डाटा दे हिन्दुस्तान को डिजिटल बनाना है
लेकिन गुस्ताखी माफ़ शाह साहब
ये बच्चे कोई मामूली बच्चे नहीं थे
ये देश के भविष्य थे
इसी भारत माँ के सपूत थे
और मुझे नहीं लगता कि भारत माँ भी अपने बेटे
देख कर चुन कर बनाती है
ये बच्चे कोई मामूली बच्चे नहीं थे
कोई मामूली बच्चा नहीं मरा है
मरा है एक कलाम
मरा है एक भगत
मरा है एक जवाहर
मरा है एक अशफाक
मरा है एक भारत माँ का बेटा
मुझे माफ़ करना शाह साहब
हो सकता है भावनाओं में
आपकी शान में तौहीन की हो
लेकिन शाह साहब
मैं एक अदना आम आदमी
अदना इंसान
आपके पेशे खिदमत में
शाह की शान में नज़्म अर्ज़ करता हूँ
नमस्कार
मैं एक अदना आम आदमी
अदना इंसान
आपके पेशे खिदमत में
शाह की शान में नज़्म अर्ज़ करता हूँ
काफी मशहूर "शाह"रुख़ खान ने कहा
बड़े बड़े देशों में छोटी छोटी बातें होती रहती है
शायद "शाह"रुख़ से प्रभावित हो कर
शाह साहब आपने कहा
इतना बड़ा देश है तो घटनाएं होती रहती है
बिलकुल सही फ़रमाया शाह साहब
इतना बड़ा देश
3500 साल पुरानी संस्कृति
क्या हुआ अगर अदना से घर में पैदा हुए
अदना इंसान के
30 बच्चे मर ही गए तो
भाई कुछ भी हो जाए
बड़ा देश है तो बड़ी कुर्बानी भी मांगेगा
बिलकुल मैं सहमत हूँ
आपकी बातों से
मरने दो बच्चों को
हमें तो आजादी के 70 साल का जश्न मानना है
मरने दो बच्चों को
हमें "न्यू इंडिया मूवमेंट " चलाना है '
मरने दो बच्चों को
हमें तो गाँधी मुद्रा में चरखा चलाना है
मरने दो बच्चों को
हमें तो सिर्फ जिओ का फ्री डाटा दे हिन्दुस्तान को डिजिटल बनाना है
लेकिन गुस्ताखी माफ़ शाह साहब
ये बच्चे कोई मामूली बच्चे नहीं थे
ये देश के भविष्य थे
इसी भारत माँ के सपूत थे
और मुझे नहीं लगता कि भारत माँ भी अपने बेटे
देख कर चुन कर बनाती है
ये बच्चे कोई मामूली बच्चे नहीं थे
कोई मामूली बच्चा नहीं मरा है
मरा है एक कलाम
मरा है एक भगत
मरा है एक जवाहर
मरा है एक अशफाक
मरा है एक भारत माँ का बेटा
मुझे माफ़ करना शाह साहब
हो सकता है भावनाओं में
आपकी शान में तौहीन की हो
लेकिन शाह साहब
मैं एक अदना आम आदमी
अदना इंसान
आपके पेशे खिदमत में
शाह की शान में नज़्म अर्ज़ करता हूँ
नमस्कार
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