Tuesday, 21 March 2017

माफ़ करना भाई

माफ़ करना भाई
हमारे देश के राजनेताओं को
उन्हें फुर्सत नहीं
फुर्सत नहीं मंदिर ओ मस्जिद की तामीर से
फुर्सत नहीं दंगे भड़काने में
फुर्सत नहीं खून की
नदियाँ बहाने में
फुर्सत नहीं ज़मीन पर अधिकार करने से
अगर फुर्सत रही होती तो
यकीनन
यहाँ स्कूल में बच्चे पढने जाते
नहीं भरा जाता
सांप्रदायिक उन्माद उनके दिलों में
अगर फुर्सत होती
तो यहाँ अस्पताल तामीर होते
और किसी भी गाँव में
कोई मरता नहीं
अस्पताल के अभाव में
अगर फुर्सत होती
तो उन्हें भी पता चलता
कि इस मुल्क में
हिन्दू मुस्लिम दंगों के अलावा
गंगा जमुनी तहजीब भी बसती है  

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