Tuesday, 27 December 2016

                                                          दूजी दुनिया की ख्वाहिश 


काम नौकरी - नौकरी काम 
सभी माँ बाप के यही अरमान 
पढ़ लिख कर बेटा बन जाए 
अफसर या कलेक्टर 
मार के जूता घर से भगाओ 
गर बनाना चाहे एक्टर
"नचनिया का नाच करेगा " या 
"भांट की भडैती करेगा "
सबकी सुननी पड़ती ताने 
फिर भी साला दिल है कुत्ता 
किसी की बात नहीं ये माने 
चल बाँध के बोरिया बिस्तरा 
दूजी दुनिया की ओर 
जहाँ कोई भी रोक टोक नहीं 
जहाँ मन में कोई संकोच नहीं 
जहाँ मन के ख्यालात आसमां को गर पहुंचे
आ कर सारी काएनात हमारी क़दमों को चूमे
पर हमारे पूर्वजों ने किया होगा 
जाने किस जनम का पाप 
वो ना बसा पाए दूजी दुनिया 
ना ही पुरे किये अपने ख्वाब 
लेकिन हम बसायेंगे वो दुनिया 
जहाँ पूरे होंगे हर ख्वाब ........

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